मीना की चेतना
मनु मेरे लिखने का नाम मेरे अंतर के लेखक का नाम मनु मेरे अंतर की आत्मानुभूति का नाम मीना...' मेरे सांसारिक संबोधन का नाम मीनाजी यही है मीना ऊँ मीना ऊँ अनुभूति योग अनेक अव्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने की चेतना का नाम ही मीना है जो पूर्णता का नित्य प्रवाह है शान्त क्रियाशील व सत्य समर्थ है शिक्षा वेद की ब्रह्माण्ड ज्ञान की औ' प्रकृति के विधान की स्वयं युग चेतना की परम कृपा से पाकर जानकर जीकर ब्रह्मï तत्व जागृत कराकर पाया परम बोधि से योग का परमानन्द मीना मानवी जीवात्मा ने मीना मानवी ने ब्रह्मत्व पायो यही सत्य है प्रणाम मीना ऊँ
