दीया ज्ञानोदय प्रतीक
दीया जलाना ही काम है मेराकाम है मेरा प्रभु द्वारा सौंपा गया। करूँ दूर अँधियारा पर मैं कौन हँ दूर करने वाली !तेल बाती सब तो है तेरे अन्दर हे मानव ! ज्योति जला भी दी मैंने प्रभु आज्ञा से, तो भी उसे निरन्तर जलाए रखने के लिए जतन तो तेरा अपना ही होगा न ज्योति निरंतर जलती रहे तो विषय विकारों की आँधियों से बचाना, ज्ञान ध्यान का तेल डालकर दीया बुझने न देने का पुरुषार्थ तो तुझे स्वयं ही करना होगा !! प्रणाम मीना ऊँ
