मन के शीशे से धूल साफ की खूब देखा जमाने का रंग पैसे का संग दिमाग के खेलों का रंग अहम् का ढंग पर सच सच के पास ही जाएगा पर सच सच के पास ही जाएगा यही सत्य है यहीं सत्य है
प्रकृति सच्ची है कभी भी सेल्फी नहीं।
यह वही करता है जो हमारे विकास के लिए अच्छा है। यह हमेशा हमें प्रदान करता है
हमारे विकास की जरूरत है, न कि हम जो चाहते हैं।
यही सच्चाई है।