नया युग नई बात अब न चलेगी झूठ की घात करनी होगी ऐसी भावी पीढ़ी तैयार जो करे अपूर्णता पर वार रहा समय निहार कहे कण-कण पुकार हो धरती माँ का श्रंगार फैले सत्य प्रकाश और प्यार यही तो है प्रणाम का आधार यही सत्य है !! यहीं सत्य है !!
कुछ भी बुरा या अच्छा नहीं है
केवल अपूर्णता और पूर्णता
पूर्णता पूर्ण आनंद लाता है
साम्राज्यवाद तपस्या ’ जैसी कठिनाइयाँ लाता है
यह संपूर्ण ज्ञान का सार है।
यही सच्चाई है।