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लक्ष्य की ओर

  • Post Author:मीना ॐ
  • Post published:जुलाई 7, 2023

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सत्यमेव जयते

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स्पष्टता चेतना के विकास को रोकती है। यह निरंतर विकसित होता है हमारे होने का प्रगतिशील, गहरा, ऊंचा और चौड़ा होना। यह शरीर, मन और जीवन के सभी बंधनों से अलग हो कर उतरता है। यह तब आता है जब हम अहंकार के मोक्ष से मुक्त हो जाते हैं, और अनुभव करने लगते हैं आत्मा के प्रकाश का आनंद और आनंद।
जब हम ब्रह्मांड में आत्मा की इच्छा और उद्देश्य को महसूस करते हैं और अंदर रहते हैं विचारशीलता, स्पष्टता इसके चरमोत्कर्ष को छूती है।
यही सच्चाई है।
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