अपने आपको प्रकाश से भरना जो स्वत: ही लाए ज्ञान और ध्यान व्योम शान्ति मिटाए भ्रांति व्योम शान्ति मिटाए भ्रांति सम्पूर्ण से जोड़कर योग कर एकाकार करे समसार करे यही सत्य है !! यहीं सत्य है !!
नकारात्मक या सकारात्मक पहलुओं के बिना कुछ भी पूरा नहीं होता है।
दोनों एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं।
बुद्धिमत्ता यह है कि कैसे उन्हें संतुलित किया जाए और उनके लिए एक बल पैदा किया जाए
विकास और विकास।
यही सच्चाई है।