आप ही अक्षर ब्रह्म आप ही तत्व बीज आप ही अविनाशी आप ही विनाशी आप ही बुद्धि आप ही कुबुद्धि आप ही शैतान आप ही भगवान मानव बुद्धि सुर में तो भगवान सुर में नहीं तो शैतान यही सत्य है !!
विश्वास जो शांति और शांति देता है वह सत्य है।
सच्चाई के लिए हमेशा 'चित का आनंद' - सच्चिदानंद देता है
सत्य-चिट-आनंद! - एक सच्चा होने का आनंद।
यही सच्चाई है।