मन के शीशे से धूल साफ की खूब देखा जमाने का रंग पैसे का संग दिमाग के खेलों का रंग अहम् का ढंग पर सच सच के पास ही जाएगा पर सच सच के पास ही जाएगा यही सत्य है यहीं सत्य है
सोते हुए जागते हुए
सोते समय जागते हुए, (सोते हुए - आराम ’की अवस्था में)
जागते समय कायाकल्प करने के लिए
और जब सो रहा हो तब जागरूक होना
लगातार जागरूकता
जागने या सोए जाने के बीच कोई अंतर नहीं
जागरूकता
हमेशा सचेत
जब कोई होश में होता है - एक रहता है
जब कोई नहीं होता है - एक मर जाता है।
यही सच्चाई है।